Pt. Ramadhar J.Tiwari College of Polytechnic

ITI का फुल फॉर्म और हिंदी में क्या मतलब है?

अगर आप 10 वीं के बाद उच्च शिक्षा न लेकर तकनीकी शिक्षा लेना चाहते हैं तो ITI आपके लिए एक बढ़िया विकल्प है। दसवीं के बाद आप ITI करके तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर सकते हो और जल्दी से नौकरी भी पा सकते हो। अगर आपको ITI के बारे में पता नहीं है तो यह लेख आपके लिए ही है।

ITI Full Form in Hindi
ITI Full Form – Industrial Training Institute
ITI Full Form हिंदी में – औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान

ITI क्या है?

Industrial Training Institute ( ITI ) जिसे हिंदी में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कहते हैं।
यह भारत सरकार के श्रम और नियोजन मंत्रालय के द्वारा संचालित संस्थान है जिसमें छात्रों को उद्योगों में काम करने में सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। ITI engineering और non-engineering technical क्षेत्रों में काम करने के लिए विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करवाता है। ITI करने के बाद छात्रों के पास नौकरी के बहुत सारे विकल्प होते हैं। वे प्राइवेट और सरकारी दोनों क्षेत्रों में नौकरी पा सकते हैं।

ITI Course

ITI छात्रों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित बनाने के लिए एक बहुत ही बढ़िया कोर्स है। ITI के पास बहुत सारी Trade होती हैं, आप उनमें से कोई भी एक Trade चुन सकते हैं और उसकी ट्रेनिंग ले सकते हैं। ITI में engineering ट्रेड का कोर्स 2 साल का होता है और non-engineering ट्रेड का कोर्स 6 महीने से लेकर1 साल का होता है ।

ITI के लिए योग्यता

ITI में अलग-अलग ट्रेड के लिए आपके पास कुछ आवश्यक योग्यता होनी चाहिए –

  • उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10 वीं पास होना चाहिए।
  • 10 वीं में कम से कम 35 प्रतिशत अंक होने चाहिए।
  • उम्मीदवार की आयु 14 से 40 वर्ष होनी चाहिए।
  • ITI के कुछ ट्रेड में केवल 8 वीं पास विद्यार्थी भी आवेदन कर सकते हैं।

ITI के लिए आवेदन कैसे करें

जब आप 8वीं या दसवीं कक्षा उत्तीर्ण कर लेते हैं तो आप ITI के लिए आवेदन कर सकते हैं।हर साल जुलाई में ITI के फॉर्म आते हैं। आप ITI की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर ITI के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अपने आस- पास के किसी ITI कॉलेज में जाकर भी ITI के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ITI में ट्रेड कैसे चुने

ITI में आपको ट्रेड सावधानी से और बहुत सोच समझकर चुनना होता है, पर आप कोशिश यह करना कि जिस चीज़ में आपका इंटरेस्ट है, उसी के अनुसार ट्रेड को चुनना। क्योंकि आगे चलकर आपको अपने चुने हुए ट्रेड के क्षेत्र में डिप्लोमा लेना है।
आपको ITI में आवेदन करने से पहले इस बात का पता लगा लेना है कि जिस ट्रेड से आप डिप्लोमा करना चाहते हो, वह उस ITI इंस्टिट्यूट में है या नहीं क्योंकि सभी ट्रेड एक ITI इंस्टिट्यूट में नहीं पाई जाती हैं।

कुछ ITI ट्रेड इस प्रकार से हैं –

  • इलेक्ट्रिकल
  • फिटर
  • प्लम्बर
  • कारपेंटर
  • वायरमैन
  • पेंटर जनरल
  • कंप्यूटर टेक्निशियन
  • नेटवर्क टेक्निशियन
  • वेल्डर
  • मैकेनिकल
  • पंप ऑपरेटर
  • ड्रेस मेकिंग
  • हेयर एंड स्किन केयर
  • फायरमैन
  • डाटा एंट्री ऑपरेटर
  • स्पा थैरेपी
  • टूरिस्ट गाइड

ITI Fees

ITI करने में अगर Fees की बात करें तो अगर आपको सरकारी कॉलेज मिल जाता है तो आपको ITI करने की कोई fees नहीं पड़ती है और अगर आप प्राइवेट कॉलेज से ITI करते हैं तो कॉलेज के अनुसार आपकी Fees 10 हजार से 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष तक हो सकती है।

ITI करने के बाद नौकरी

ITI करने के बाद आप प्राइवेट या गवर्मेंट सेक्टर में नौकरी पा सकते हैं क्योंकि दोनों ही सेक्टर में ITI होल्डर की मांग है। ITI करने के बाद आपको अपने ट्रेड के अनुसार सैलरी भी मिलती है, प्राइवेट में शुरुआत में सैलरी 10 से 20 हजार और सरकारी में 20 से 30 हजार तक हो सकती है ।

ITI Conclusion

उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख ITI Full Form in Hindi ज़रूर पसंद आया होगा।
हमने पूरी कोशिश की है कि ITI से जुड़ी सभी जानकारी आप तक पहुंचाई जा सके। आप भी अगर ITI का कोर्स करते हैं तो यह आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है क्योंकि लगभग सभी औद्योगिक क्षेत्र में ITI वाले छात्रों की मांग रहती है।
ITI करने से आपको मशीनरी का अच्छी नॉलेज हो जाती है। इस लेख को पढ़ने के बाद आप समझ गए होंगे कि ITI करना कितना फायदेमंद होता है। इस लेख को अपने दोस्तों के साथ अधिक से अधिक शेयर करके दूसरों तक सही जानकारी पहुंचाने में मदद करें।

जिसे हिंदी में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के रूप में जाना जाता है. जिसे दुनिया भर में आईटीआई के नाम से जाना जाता है। यह एक सरकारी प्रशिक्षण संगठन है। जो दसवीं के विद्यार्थियों को उद्योग से संबंधित शिक्षा प्रदान करने में सहायक है।

आईटीआई दो प्रकार के होते है एक सरकारी और दूसरी प्राइवेट. आईटीआई हर राज्य में होती है. जबकि पूरे देश में कुल 11,964 आईटीआई सेंटर है जिसमें से 2284 सरकारी और 9680 प्राइवेट सेंटर है.

आईटीआई में 100 से भी ज्यादा कोर्स है आप अपने जरूरत और पसंद के अनुसार किसी भी कोर्स को कर सकते हैं।

आईटीआई कोर्स की अवधि 6 महीने, 9 महीने, 1 साल या 2 साल तक होती है।

इलेक्ट्रीशियन की फुल फॉर्म क्या है? इलेक्ट्रीशियन की निर्धारित रूप से कोई फुल फॉर्म नहीं होती, जो लड़का या लड़की बिजली से सम्बंधित सभी चीजो का निरक्षण और ख्याल रखे, उसे इलेक्ट्रीशियन कहते हैं।

 

  • इंडियन आर्मी …
  • आयल एंड नेचुरल गैस कार्पोरेशन लिमिटेड …
  • इंडियन रेलवे …
  • स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड
  • ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज
  • टेलीकम्युनिकेशन
  • CRPF (पैरा मिलिट्री फोर्स)–
  • NTPC.

यह कुल 200 अंक का होता है जिसमें पास होने के लिए कम से कम 120 अंक जरूरी होते हैं।

  • स्टेप १) अपने लिए आईटीआई ट्रेड का चुनाव करें। आपको जिस विषय में रुचि है उसी हिसाब से आपको आईटीआई ट्रेड का चुनाव करना चाहिए।
  • स्टेप २) आईटीआई Entrance Exam देना होगा और उसमें अच्छे अंक भी लाने होंगे।
  • स्टेप ३) Entrance Exam के बाद आपको इंटर्व्यू में भी उत्तीर्ण होना होगा।

अगर ऐवरेज सैलरी पैकेज देखा जाए तो यह कोर्स करने के बाद 12,000 से 30,000 रूपये प्रति माह सैलरी मिल सकती हैं

ITI Ke Baad Kya Course Karna Chahiye – यदि आप इंजीनियरिंग ट्रेड में एआईटीटी कोर्स उत्तीर्ण करते हैं, तो आपको नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (एनटीसी) से सम्मानित किया जाएगा और फिर इसे डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग यानी मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के समकक्ष माना जाएगा।

ITI Electrician Course कुल दो साल का होता है। ये दो साल आपको विद्युत उपकरण (Electrical Equipment) की फिटिंग, रिपेयरिंग और इंस्टॉलिंग करना सिखाया जाता है। इस कोर्स के दौरान छात्र बिजली के बारे में सीखते हैं, जैसे- तारों की स्थापना, बिजली उत्पादन, अर्थिंग, एसी करंट, डीसी करंट आदि।

अगर स्टूडेंट सरकारी आईटीआई इंस्टिट्यूट में प्रवेश लेना चाहता है। तो उसे Entrance exam पास करना होगा। सरकारी इंस्टिट्यूट में प्रवेश लेने के लिए 8वी 10वी और 12वी में न्यूनतम 60% – 70% मार्क परसेंट होना चाहिए। इसके साथ विद्यार्थी को एंट्रेंस एग्जाम क्वालीफाई करना होगा।

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